दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए। पुतिन तीन दिन के दिल्ली दौरे पर हैं। ब्रिक्स समिट का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में 13 और 14 सितंबर को आयोजित किया गया है। इससे पहले आज रूस के राष्ट्रपति पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद पीएम मोदी और पुतिन ने बिजनेस फोरम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने ब्रिक्स की खासियत के बारे में बहुत कुछ कहा।
ब्रिक्स में क्या है भारत का एजेंडा

10 प्वाइंट्स में जानें क्या बोले पीएम मोदी
- इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं, 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी
- ब्रिक्स आज 4 देशों से 21 देशों का परिवार बना
- ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी
- इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है
- BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं
- हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं
- ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं
- भारत में आयोजित यह फ़ोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम है
- भारत आज ग्लोबल सॉल्यूशन का हब बना
- ऊर्जा-तकनीकी क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा
पुतिन ने पीएम मोदी को दिया निमंत्रण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिल्ली के भारत मंडपम में 45 मिनट तक बैठक की। बैठक के बाद, दोनों नेता एक ही कार में बैठकर औद्योगिक प्रदर्शनी स्थल तक गए। उन्होंने भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ मध्य पूर्व और काला सागर (Black Sea) की स्थिति पर भी चर्चा की। पुतिन ने मोदी को 24वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।
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